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सहीह मुस्लिम

नंबर 500

नंबर 500किताब 1, नंबर 406अरबी नंबरिंग 203
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَفَّانُ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ رَجُلاً، قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَيْنَ أَبِي قَالَ ‏"‏ فِي النَّارِ ‏"‏ ‏.‏ فَلَمَّا قَفَّى دَعَاهُ فَقَالَ ‏"‏ إِنَّ أَبِي وَأَبَاكَ فِي النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
Anas reported:Verily, a person said: Messenger of Allah, where is my father? He said: (He) is in the Fire. When he turned away, he (the Holy Prophet) called him and said: Verily my father and your father are in the Fire

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।