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सहीह मुस्लिम

नंबर 434

नंबर 434किताब 1, नंबर 339अरबी नंबरिंग 174.03
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ الْعَنْبَرِيُّ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سُلَيْمَانَ الشَّيْبَانِيِّ، سَمِعَ زِرَّ بْنَ حُبَيْشٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ ‏{‏ لَقَدْ رَأَى مِنْ آيَاتِ رَبِّهِ الْكُبْرَى‏}‏ قَالَ رَأَى جِبْرِيلَ فِي صُورَتِهِ لَهُ سِتُّمِائَةِ جَنَاحٍ ‏.‏
Zirr b. Hubaish narrated it on the authority of 'Abdullah (that the words of Allah):" Certainly he saw of the greatest signs of Allah" (al-Qur'an, liii. 18) imply that he saw Gabriel in his (original) form and he had six hundred wings

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।