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सहीह मुस्लिम

नंबर 381

नंबर 381किताब 1, नंबर 288अरबी नंबरिंग 150.04
وَحَدَّثَنَا الْحَسَنُ الْحُلْوَانِيُّ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ مُحَمَّدٍ، قَالَ سَمِعْتُ مُحَمَّدَ بْنَ سَعْدٍ، يُحَدِّثُ هَذَا فَقَالَ فِي حَدِيثِهِ فَضَرَبَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِيَدِهِ بَيْنَ عُنُقِي وَكَتِفِي ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ أَقِتَالاً أَىْ سَعْدُ إِنِّي لأُعْطِي الرَّجُلَ ‏"‏ ‏.‏
The same hadith has been narrated on the authority of Muhammad b Sa'd and these words (are also there):The Messenger of Allah (ﷺ) gave a stroke on my neck or between my two shoulders and said: Sa'd, do you fight with me simply because I gave (a share) to a man?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।