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सहीह मुस्लिम

नंबर 360

नंबर 360किताब 1, नंबर 267अरबी नंबरिंग 140
حَدَّثَنِي أَبُو كُرَيْبٍ، مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، - يَعْنِي ابْنَ مَخْلَدٍ - حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنِ الْعَلاَءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ جَاءَ رَجُلٌ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَرَأَيْتَ إِنْ جَاءَ رَجُلٌ يُرِيدُ أَخْذَ مَالِي قَالَ ‏"‏ فَلاَ تُعْطِهِ مَالَكَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَرَأَيْتَ إِنْ قَاتَلَنِي قَالَ ‏"‏ قَاتِلْهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَرَأَيْتَ إِنْ قَتَلَنِي قَالَ ‏"‏ فَأَنْتَ شَهِيدٌ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَرَأَيْتَ إِنْ قَتَلْتُهُ قَالَ ‏"‏ هُوَ فِي النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अनहु- कहते हैं कि एक व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया और बोलाः ऐ अल्लाह के रसूल! ज़रा यह बताएँ कि यदि कोई व्यक्ति मेरा धन छीनना चाहे तो मैं क्या करूँ? फ़रमायाः उसे अपना धन न दो। उसने कहाः अगर मुझसे लड़ पड़े तो क्या करूँ? फ़रमायाः उससे लड़ो। उसने कहाः यदि मुझे मार डाले तो क्या होगा? फ़रमायाः तुम शहीद समझे जाओगे। उसने कहाः यदि मैं उसे मार डालूँ? फ़रमायाः वह जहन्नम जाएगा।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।