सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 354

नंबर 354किताब 1, नंबर 261अरबी नंबरिंग 137.02
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَهَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، جَمِيعًا عَنْ أَبِي أُسَامَةَ، عَنِ الْوَلِيدِ بْنِ كَثِيرٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ كَعْبٍ، أَنَّهُ سَمِعَ أَخَاهُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ كَعْبٍ، يُحَدِّثُ أَنَّ أَبَا أُمَامَةَ الْحَارِثِيَّ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِهِ ‏.‏
This hadith has been transmitted by another chain of narrators:Abu Bakr b. Abi Shaiba, Ishaq b. Ibrahim, Harun b. Abdullah, Abi Usama, Walid b. Kathir, Muhammad b. Ka'b, his brother Abdullah b. Ka'b and Abi Usama

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।