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सहीह मुस्लिम

नंबर 328

नंबर 328किताब 1, नंबर 235अरबी नंबरिंग 124.02
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَعَلِيُّ بْنُ خَشْرَمٍ، قَالاَ أَخْبَرَنَا عِيسَى، - وَهُوَ ابْنُ يُونُسَ ح وَحَدَّثَنَا مِنْجَابُ بْنُ الْحَارِثِ التَّمِيمِيُّ، أَخْبَرَنَا ابْنُ مُسْهِرٍ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، أَخْبَرَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ، كُلُّهُمْ عَنِ الأَعْمَشِ، بِهَذَا الإِسْنَادِ قَالَ أَبُو كُرَيْبٍ قَالَ ابْنُ إِدْرِيسَ حَدَّثَنِيهِ أَوَّلاً أَبِي، عَنْ أَبَانِ بْنِ تَغْلِبَ، عَنِ الأَعْمَشِ، ثُمَّ سَمِعْتُهُ مِنْهُ، ‏.‏
This hadith is narrated by another chain of transmitters, (namely) lshaq b. Ibrahim. Ibn Idris says:My father transmitted it from Aban b. Taghlib who heard it from A'mash; then I heard it also from him (A'mash)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।