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सहीह मुस्लिम

नंबर 256

नंबर 256किताब 1, नंबर 162अरबी नंबरिंग 85.05
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنِ الْحَسَنِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِي عَمْرٍو الشَّيْبَانِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَفْضَلُ الأَعْمَالِ - أَوِ الْعَمَلِ - الصَّلاَةُ لِوَقْتِهَا وَبِرُّ الْوَالِدَيْنِ ‏"‏ ‏.‏
It is reported on the authority of 'Abdullah that the Messenger of Allah observed:The best of' the deeds or deed is the (observance of) prayer at its proper time and kindness to the parents

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।