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सहीह मुस्लिम

नंबर 220

नंबर 220किताब 1, नंबर 126अरबी नंबरिंग 63.02
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ زَكَرِيَّاءَ بْنِ أَبِي زَائِدَةَ، وَأَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ عَاصِمٍ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ، عَنْ سَعْدٍ، وَأَبِي، بَكْرَةَ كِلاَهُمَا يَقُولُ سَمِعَتْهُ أُذُنَاىَ، وَوَعَاهُ، قَلْبِي مُحَمَّدًا صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنِ ادَّعَى إِلَى غَيْرِ أَبِيهِ وَهُوَ يَعْلَمُ أَنَّهُ غَيْرُ أَبِيهِ فَالْجَنَّةُ عَلَيْهِ حَرَامٌ ‏"‏ ‏.‏
Sa'd and Abu Bakra each one of them said:My ears heard and my hearing preserved it that Muhammad (peace and blessings be upon him) observed: He who claimed for another one his fatherhood besides his own father knowingly that he was not his father-to him Paradise is forbidden

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।