सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 205

नंबर 205किताब 1, नंबर 112अरबी नंबरिंग 57.04
وَحَدَّثَنِي حَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْحُلْوَانِيُّ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ الْمُطَّلِبِ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ سُلَيْمٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ، مَوْلَى مَيْمُونَةَ وَحُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنْ هَمَّامِ بْنِ مُنَبِّهٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Imam Muslim has reported this hadith by Hasan b. 'Ali al-Halwani and other traditions

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।