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सहीह मुस्लिम

नंबर 178

नंबर 178किताब 1, नंबर 85अरबी नंबरिंग 49.02
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ رَجَاءٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، وَعَنْ قَيْسِ بْنِ مُسْلِمٍ، عَنْ طَارِقِ بْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، فِي قِصَّةِ مَرْوَانَ وَحَدِيثِ أَبِي سَعِيدٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِ حَدِيثِ شُعْبَةَ وَسُفْيَانَ ‏.‏
The same hadith of the Prophet (may peace and blessings be upon him) has been reported by Abu Sa'id al-Khudri in connection with the story of Marwan

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।