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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 411

नंबर 411किताब 9, नंबर 86
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، أَنَّهُ قَالَ مَا صَلاَةٌ يُجْلَسُ فِي كُلِّ رَكْعَةٍ مِنْهَا ثُمَّ قَالَ سَعِيدٌ هِيَ الْمَغْرِبُ إِذَا فَاتَتْكَ مِنْهَا رَكْعَةٌ وَكَذَلِكَ سُنَّةُ الصَّلاَةِ كُلُّهَا ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Ibn Shihab that Said ibn al- Musayyab said, "Which prayer is it when you remain in the sitting position in every raka?'' Said said, "It is maghrib when you miss one raka, and that is the sunna in all the prayers
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Shortening the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।