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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 387

नंबर 387किताब 9, नंबर 62
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ، قَالَ يُقَالُ لاَ يَخْرُجُ أَحَدٌ مِنَ الْمَسْجِدِ بَعْدَ النِّدَاءِ - إِلاَّ أَحَدٌ يُرِيدُ الرُّجُوعَ إِلَيْهِ - إِلاَّ مُنَافِقٌ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that Said ibn al-Musayyab said, "It is said that no-one except a hypocrite leaves the mosque after the call to prayer, except for someone who intends to return
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Shortening the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।