सीधे कंटेंट पर जाएँ
मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 359

नंबर 359किताब 9, नंबर 34
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا كَانَتْ تُصَلِّي الضُّحَى ثَمَانِيَ رَكَعَاتٍ ثُمَّ تَقُولُ لَوْ نُشِرَ لِي أَبَوَاىَ مَا تَرَكْتُهُنَّ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Zayd ibn Aslam from A'isha that she used to pray duha with eight rakas, and she would say, "I would never stop doing them even if my parents were to be brought back to life
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Shortening the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।