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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 283

नंबर 283किताब 7, नंबर 30
وَحَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، أَنَّ عَائِشَةَ، زَوْجَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ إِنْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَيُخَفِّفُ رَكْعَتَىِ الْفَجْرِ حَتَّى إِنِّي لأَقُولُ أَقَرَأَ بِأُمِّ الْقُرْآنِ أَمْ لاَ
Malik related to me from Yahya ibn Said that A'isha, the wife of the Prophet, may Allah bless him and grant him peace, said, "The Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, used to pray the two rakas of the dawn (fajr) so quickly that I would say to myself 'Has he recited the umm al-Qur'an or not?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Tahajjud

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।