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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1832

नंबर 1832किताब 56, नंबर 22
حَدَّثَنِي مَالِكٌ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ أُمَّ سَلَمَةَ، زَوْجَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَنَهْلِكُ وَفِينَا الصَّالِحُونَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ نَعَمْ إِذَا كَثُرَ الْخَبَثُ ‏"‏ ‏.‏
Malik related to me that he had heard that Umm Salama, the wife of the Prophet, may Allah bless him and grant him peace, said, "Messenger of Allah! Shall we be destroyed while there are people who are salih among us?" The Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, said, "Yes, if there is much wickedness
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 56 · Speech

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।