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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1794

नंबर 1794किताब 54, नंबर 32
وَحَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ سَائِبَةَ، مَوْلاَةٍ لِعَائِشَةَ ‏.‏ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْ قَتْلِ الْجِنَّانِ الَّتِي فِي الْبُيُوتِ إِلاَّ ذَا الطُّفْيَتَيْنِ وَالأَبْتَرَ فَإِنَّهُمَا يَخْطِفَانِ الْبَصَرَ وَيَطْرَحَانِ مَا فِي بُطُونِ النِّسَاءِ ‏.‏
Malik related to me from Nafi from Sa'iba, the female mawla of A'isha, that the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, forbade killing the snakes which were in the houses except those with two white stripes on their back and the short ones. They made one go blind and caused miscarriages in women
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · General Subjects

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।