सीधे कंटेंट पर जाएँ
मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1789

नंबर 1789किताब 54, नंबर 27
وَحَدَّثَنِي مَالِكٌ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنْ كَانَ دَوَاءٌ يَبْلُغُ الدَّاءَ فَإِنَّ الْحِجَامَةَ تَبْلُغُهُ ‏"‏ ‏.‏
Malik related to me that he heard that the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, said, "If there is a remedy that will reach the disease, then cupping will reach it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · General Subjects

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।