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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1756

नंबर 1756किताब 53, नंबर 1
حَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ يُسَلِّمُ الرَّاكِبُ عَلَى الْمَاشِي وَإِذَا سَلَّمَ مِنَ الْقَوْمِ وَاحِدٌ أَجْزَأَ عَنْهُمْ ‏"‏ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Zayd ibn Aslam that the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, said, "The one riding greets the one walking, and when one of a group of people gives a greeting, it is enough for all of them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 53 · Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।