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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1753

नंबर 1753किताब 52, नंबर 5
حَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ مُوسَى بْنِ مَيْسَرَةَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي هِنْدٍ، عَنْ أَبِي مُوسَى الأَشْعَرِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ لَعِبَ بِالنَّرْدِ فَقَدْ عَصَى اللَّهَ وَرَسُولَهُ ‏"‏ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Musa ibn Maysara from Said ibn Abi Hind from Abu Musa al-Ashari that the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, said, "Whoever plays games of dice has disobeyed Allah and His Messenger
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 52 · Visions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।