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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1678

नंबर 1678किताब 49, नंबर 8
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنِ ابْنِ بُجَيْدٍ الأَنْصَارِيِّ، ثُمَّ الْحَارِثِيِّ عَنْ جَدَّتِهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ رُدُّوا الْمِسْكِينَ وَلَوْ بِظِلْفٍ مُحْرَقٍ ‏"‏ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Zayd ibn Aslam from Ibn Bujayd (formerly al-Ansari) from his grandmother that the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, said, "Give to the very poor, if only a roasted hoof
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · The Description of the Prophet, may Allah Bless Him and Grant Him Peace

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।