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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1653

नंबर 1653किताब 48, नंबर 3
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ أَيُّوبَ بْنِ أَبِي تَمِيمَةَ، عَنِ ابْنِ سِيرِينَ، قَالَ قَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ إِذَا أَوْسَعَ اللَّهُ عَلَيْكُمْ فَأَوْسِعُوا عَلَى أَنْفُسِكُمْ جَمَعَ رَجُلٌ عَلَيْهِ ثِيَابَهُ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Ayyub ibn Abi Tamim that Ibn Sirin said, ''Umar ibn al-Khattab said, 'Allah has been generous to you, so be generous to yourselves. Let a man wear a combination of his garments
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।