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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1637

नंबर 1637किताब 47, नंबर 5
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ عَمِّهِ أَبِي سُهَيْلِ بْنِ مَالِكٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ كَعْبِ الأَحْبَارِ، أَنَّهُ قَالَ إِذَا أَحْبَبْتُمْ أَنْ تَعْلَمُوا مَا لِلْعَبْدِ عِنْدَ رَبِّهِ فَانْظُرُوا مَاذَا يَتْبَعُهُ مِنْ حُسْنِ الثَّنَاءِ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from his paternal uncle, Abu Suhayl ibn Malik from his father that Kab al-Ahbar said, "If you want to know what a slave has with his Lord, then look at whatever good praise follows him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Good Character

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।