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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1609

नंबर 1609किताब 45, नंबर 12
وَحَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ يُونُسَ بْنِ يُوسُفَ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الأَنْصَارِيِّ، أَنَّهُ وَجَدَ غِلْمَانًا قَدْ أَلْجَئُوا ثَعْلَبًا إِلَى زَاوِيَةٍ فَطَرَدَهُمْ عَنْهُ ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ لاَ أَعْلَمُ إِلاَّ أَنَّهُ قَالَ أَفِي حَرَمِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُصْنَعُ هَذَا
Malik related to me from Yunus ibn Yusuf from Ata ibn Yasar that Abu Ayyub al-Ansari found some boys who had driven a fox into a corner, and he chased them away from it. Malik said, "I only know that he said, 'Is this done in the Haram of the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · Madina

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।