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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1602

नंबर 1602किताब 45, नंबर 5
وَحَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، أَنَّهُ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا الْحُبَابِ، سَعِيدَ بْنَ يَسَارٍ يَقُولُ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ أُمِرْتُ بِقَرْيَةٍ تَأْكُلُ الْقُرَى يَقُولُونَ يَثْرِبُ ‏.‏ وَهِيَ الْمَدِينَةُ تَنْفِي النَّاسَ كَمَا يَنْفِي الْكِيرُ خَبَثَ الْحَدِيدِ ‏"‏ ‏.‏
Malik related to me that Yahya ibn Said said, "I heard Abu'l-Hubab Said ibn Yasar say that he heard Abu Hurayra say that he heard the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, say, 'I was ordered to a town which will eat up towns. They used to say, 'Yathrib,' but it is Madina. It removes the bad people like the blacksmith's furnace removes impurities from the iron
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · Madina

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।