सीधे कंटेंट पर जाएँ
मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1598

नंबर 1598किताब 45, नंबर 1
وَحَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ إِسْحَاقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ الأَنْصَارِيِّ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ بَارِكْ لَهُمْ فِي مِكْيَالِهِمْ وَبَارِكْ لَهُمْ فِي صَاعِهِمْ وَمُدِّهِمْ ‏"‏ ‏.‏ يَعْنِي أَهْلَ الْمَدِينَةِ ‏.‏
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihSalim al-Hilali
किताब 45 · Madina

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।