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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1540

नंबर 1540किताब 42, नंबर 4
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، أَنَّهُ سَمِعَ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ، يَقُولُ مَا مِنْ شَىْءٍ إِلاَّ اللَّهُ يُحِبُّ أَنْ يُعْفَى عَنْهُ مَا لَمْ يَكُنْ حَدًّا ‏.‏ قَالَ يَحْيَى قَالَ مَالِكٌ وَالسُّنَّةُ عِنْدَنَا أَنَّ كُلَّ مَنْ شَرِبَ شَرَابًا مُسْكِرًا فَسَكِرَ أَوْ لَمْ يَسْكَرْ فَقَدْ وَجَبَ عَلَيْهِ الْحَدُّ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Yahya ibn Said that he heard Said ibn al-Musayyab say, "There is nothing that Allah does not like to be pardoned as long as it is not a hadd." Yahya said that Malik said, "The sunna with us is that the hadd is obliged against anyone who drinks something intoxicating whether or not he becomes drunk
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।