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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1507

नंबर 1507किताब 41, नंबर 8
حَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّهُ قَالَ سَمِعْتُ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ، يَقُولُ الرَّجْمُ فِي كِتَابِ اللَّهِ حَقٌّ عَلَى مَنْ زَنَى مِنَ الرِّجَالِ وَالنِّسَاءِ إِذَا أُحْصِنَ إِذَا قَامَتِ الْبَيِّنَةُ أَوْ كَانَ الْحَبَلُ أَوْ الاِعْتِرَافُ ‏.‏
Malik related to me from Ibn Shihab from Ubaydullah ibn Abdullah ibn Utba ibn Masud that Abdullah ibn Abbas said, "I heard Umar ibn al- Khattab say, 'Stoning is in the Book of Allah for those who commit adultery, men or women when they are muhsan and when there is clear proof of pregnancy or a confession
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Hudud

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।