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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1445

नंबर 1445किताब 36, नंबर 47
وَحَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ نَافِعٍ، ‏.‏ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ، وَرِثَ مِنْ حَفْصَةَ بِنْتِ عُمَرَ دَارَهَا قَالَ وَكَانَتْ حَفْصَةُ قَدْ أَسْكَنَتْ بِنْتَ زَيْدِ بْنِ الْخَطَّابِ مَا عَاشَتْ فَلَمَّا تُوُفِّيَتْ بِنْتُ زَيْدٍ قَبَضَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ الْمَسْكَنَ وَرَأَى أَنَّهُ لَهُ ‏.‏
Malik related to me from Nafi that Abdullah ibn Umar inherited the house of Hafsa bint Umar. He said, "Hafsa gave lodging to the daughter of Zayd ibn al-Khattab for as long as she lived. When the daughter of Zayd died, Abdullah ibn Umar took possession of the dwelling and considered that it was his
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Judgements

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।