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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1428

नंबर 1428किताब 36, नंबर 30
وَحَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ، قَالَ مَنْ أَحْيَا أَرْضًا مَيِّتَةً فَهِيَ لَهُ ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ وَعَلَى ذَلِكَ الأَمْرُ عِنْدَنَا ‏.‏
Malik related to me from Ibn Shihab from Salim ibn Abdullah from his father that Umar ibn al-Khattab said, "Whoever revives dead land, it belongs to him." Malik said, "That is what is done in our community
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Judgements

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।