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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1407

नंबर 1407किताब 36, नंबर 9
وَعَنْ مَالِكٍ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، أَنَّ عُمَرَ بْنَ عَبْدِ الْعَزِيزِ، كَتَبَ إِلَى عَبْدِ الْحَمِيدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدِ بْنِ الْخَطَّابِ وَهُوَ عَامِلٌ عَلَى الْكُوفَةِ أَنِ اقْضِ بِالْيَمِينِ مَعَ الشَّاهِدِ ‏.‏
From Malik from Abu'z-Zinad that Umar ibn Abd al-Aziz wrote to Abd al-Hamid ibn Abd ar-Rahman ibn Zayd ibn al-Khattab who was the governor of Kufa, "Pronounce judgement on the basis of an oath with one witness
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Judgements

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।