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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1394

नंबर 1394किताब 34, नंबर 5
وَحَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ كَانَ يُكْرِي أَرْضَهُ بِالذَّهَبِ وَالْوَرِقِ ‏.‏ وَسُئِلَ مَالِكٌ عَنْ رَجُلٍ أَكْرَى مَزْرَعَتَهُ بِمِائَةِ صَاعٍ مِنْ تَمْرٍ أَوْ مِمَّا يَخْرُجُ مِنْهَا مِنَ الْحِنْطَةِ أَوْ مِنْ غَيْرِ مَا يَخْرُجُ مِنْهَا فَكَرِهَ ذَلِكَ ‏.‏
Malik related to me from Hisham ibn Urwa that his father used to rent out his land for gold and silver. Malik was asked about a man who rented his field for 100 sa of dates or part of its produce of wheat or from other than its produce. He disapproved of that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Renting Land

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।