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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1387

नंबर 1387किताब 32, नंबर 2
وَحَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنِ الْعَلاَءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ، أَعْطَاهُ مَالاً قِرَاضًا يَعْمَلُ فِيهِ عَلَى أَنَّ الرِّبْحَ بَيْنَهُمَا ‏.‏
Malik related to me from al-Ala ibn Abd ar-Rahman from his father from his father that Uthman ibn Affan gave him some money as qirad to use provided the profit was shared between them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf HasanSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Qirad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।