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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1385

नंबर 1385किताब 31, नंबर 47
وَحَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَنَّهُ سَأَلَهُ عَنِ الرَّجُلِ، يَتَكَارَى الدَّابَّةَ ثُمَّ يُكْرِيهَا بِأَكْثَرَ مِمَّا تَكَارَاهَا بِهِ فَقَالَ لاَ بَأْسَ بِذَلِكَ ‏.‏
Malik related to me that he asked Ibn Shihab about a man who hired an animal, and then re-hired it out for more than what he hired it for. He said, "There is no harm in that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।