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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1360

नंबर 1360किताब 31, नंबर 22
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ رَجُلاً، قَالَ لِرَجُلٍ ابْتَعْ لِي هَذَا الْبَعِيرَ بِنَقْدٍ حَتَّى أَبْتَاعَهُ مِنْكَ إِلَى أَجَلٍ فَسُئِلَ عَنْ ذَلِكَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ فَكَرِهَهُ وَنَهَى عَنْهُ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that a man said to another, "Buy this camel for me immediately so that I can buy him from you on credit." Abdullah ibn Umar was asked about that and he disapproved of it and forbade it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।