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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1348

नंबर 1348किताब 31, नंबर 10
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ صَالِحِ بْنِ كَيْسَانَ، عَنْ حَسَنِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، أَنَّ عَلِيَّ بْنَ أَبِي طَالِبٍ، بَاعَ جَمَلاً لَهُ يُدْعَى عُصَيْفِيرًا بِعِشْرِينَ بَعِيرًا إِلَى أَجَلٍ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Salih ibn Kaysan from Hasan ibn Muhammad ibn Ali ibn Abi Talib that Ali ibn Abi Talib sold one of his camels called Usayfir for 20 camels to be delivered later
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।