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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1332

नंबर 1332किताब 31, नंबर 43
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، ‏.‏ أَنَّ حَكِيمَ بْنَ حِزَامٍ، ابْتَاعَ طَعَامًا أَمَرَ بِهِ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ لِلنَّاسِ فَبَاعَ حَكِيمٌ الطَّعَامَ قَبْلَ أَنْ يَسْتَوْفِيَهُ فَبَلَغَ ذَلِكَ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ فَرَدَّهُ عَلَيْهِ وَقَالَ لاَ تَبِعْ طَعَامًا ابْتَعْتَهُ حَتَّى تَسْتَوْفِيَهُ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Nafi that Hakim ibn Hizam traded in food for people as Umar ibn al-Khattab had ordered him to do. Hakim re-sold the food before he had taken delivery of it. That reached Umar ibn al-Khattab and he revoked the sale and said, "Do not sell food which you have purchased until you take delivery of it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।