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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1308

नंबर 1308किताब 31, नंबर 19
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، أَنَّ جَدَّهُ، مُحَمَّدَ بْنَ عَمْرِو بْنِ حَزْمٍ بَاعَ ثَمَرَ حَائِطٍ لَهُ يُقَالُ لَهُ الأَفْرَاقُ بِأَرْبَعَةِ آلاَفِ دِرْهَمٍ وَاسْتَثْنَى مِنْهُ بِثَمَانِمِائَةِ دِرْهَمٍ تَمْرًا ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Abdullah ibn Abi Bakr that his grandfather, Muhammad ibn Amr ibn Hazm sold the fruit of an orchard of his called al-Afraq, for 4,000 dirhams, and he kept aside 800 dirhams' worth of dry dates
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Business Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।