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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1280

नंबर 1280किताब 30, नंबर 9
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّ عَائِشَةَ زَوْجَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَدْخُلُ عَلَيْهَا مَنْ أَرْضَعَتْهُ أَخَوَاتُهَا وَبَنَاتُ أَخِيهَا وَلاَ يَدْخُلُ عَلَيْهَا مَنْ أَرْضَعَهُ نِسَاءُ إِخْوَتِهَا ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Abd ar-Rahman ibn al-Qasim that his father told him that A'isha, the wife of the Prophet, may Allah bless him and grant him peace, admitted those whom her sisters and the daughters of her brother had nursed, and she did not admit those who were nursed by the wives of her brothers
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।