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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 153

नंबर 153किताब 3, नंबर 8
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ الْمُؤَذِّنَ، جَاءَ إِلَى عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ يُؤْذِنُهُ لِصَلاَةِ الصُّبْحِ فَوَجَدَهُ نَائِمًا فَقَالَ الصَّلاَةُ خَيْرٌ مِنَ النَّوْمِ ‏.‏ فَأَمَرَهُ عُمَرُ أَنْ يَجْعَلَهَا فِي نِدَاءِ الصُّبْحِ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that the muadhdhin came to Umar ibn al-Khattab to call him to the subh prayer and found him sleeping, so he said, "Prayer is better than sleep," and Umar ordered him to put that in the adhan for subh
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।