सीधे कंटेंट पर जाएँ
मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1255

नंबर 1255किताब 29, नंबर 52
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ، وَسُلَيْمَانَ بْنَ يَسَارٍ، كَانَا يَقُولاَنِ عِدَّةُ الأَمَةِ إِذَا هَلَكَ عَنْهَا زَوْجُهَا شَهْرَانِ وَخَمْسُ لَيَالٍ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that Said ibn al-Musayyab and Sulayman ibn Yasar said, "The idda of a slave-girl when her husband dies is two months and five days
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।