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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1250

नंबर 1250किताब 29, नंबर 47
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ كَانَ يَقُولُ فِي الْمَرْأَةِ الْبَدَوِيَّةِ يُتَوَفَّى عَنْهَا زَوْجُهَا إِنَّهَا تَنْتَوِي حَيْثُ انْتَوَى أَهْلُهَا ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ وَهَذَا الأَمْرُ عِنْدَنَا ‏.‏
Yahya related to me from Malik that Hisham ibn Urwa said about a Bedouin woman whose husband died, that she was to stay where her people stayed. Malik said, "This is what is done among us
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।