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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1231

नंबर 1231किताब 29, नंबर 28
وَحَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ، وَعَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ، وَعَبْدَ اللَّهِ بْنَ مَسْعُودٍ، وَسَالِمَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، وَالْقَاسِمَ بْنَ مُحَمَّدٍ، وَابْنَ، شِهَابٍ وَسُلَيْمَانَ بْنَ يَسَارٍ كَانُوا يَقُولُونَ إِذَا حَلَفَ الرَّجُلُ بِطَلاَقِ الْمَرْأَةِ قَبْلَ أَنْ يَنْكِحَهَا ثُمَّ أَثِمَ إِنَّ ذَلِكَ لاَزِمٌ لَهُ إِذَا نَكَحَهَا ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that Umar ibn al-Khattab, Abdullah ibn Umar, Abdullah ibn Masud, Salim ibn Abdullah, al-Qasim ibn Muhammad, Ibn Shihab,and Sulayman ibn Yasar all said, "If a man has vowed to divorce his wife before marrying her and then he breaks his vow, divorce is obligatory for him when he marries her
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।