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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1216

नंबर 1216किताब 29, नंबर 13
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، أَنَّهُ كَانَ يَقُولُ إِذَا طَلَّقَ الرَّجُلُ امْرَأَتَهُ فَدَخَلَتْ فِي الدَّمِ مِنَ الْحَيْضَةِ الثَّالِثَةِ فَقَدْ بَرِئَتْ مِنْهُ وَبَرِئَ مِنْهَا ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ وَهُوَ الأَمْرُ عِنْدَنَا ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Nafi that Abdullah ibn Umar said, "When a man divorces his wife and she begins her third period, she is free from him and he is free from her." Malik said, "This is how things are done among us
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।