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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1213

नंबर 1213किताब 29, नंबर 10
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَنَّهُ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا بَكْرِ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، يَقُولُ مَا أَدْرَكْتُ أَحَدًا مِنْ فُقَهَائِنَا إِلاَّ وَهُوَ يَقُولُ هَذَا ‏.‏ يُرِيدُ قَوْلَ عَائِشَةَ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that Ibn Shihab said that he heard Abu Bakr ibn Abd ar-Rahman say, "I have never seen any of our fuqaha who did not say that this was what the statement of A'isha meant
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।