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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1174

नंबर 1174किताब 29, नंबर 3
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ رَجُلاً، سَأَلَ الْقَاسِمَ بْنَ مُحَمَّدٍ وَسُلَيْمَانَ بْنَ يَسَارٍ عَنْ رَجُلٍ تَظَاهَرَ مِنِ امْرَأَتِهِ قَبْلَ أَنْ يَنْكِحَهَا فَقَالاَ إِنْ نَكَحَهَا فَلاَ يَمَسَّهَا حَتَّى يُكَفِّرَ كَفَّارَةَ الْمُتَظَاهِرِ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that a man asked al-Qasim ibn Muhammad and Sulayman ibn Yasar about a man who pronounced dhihar from his wife before he had married her. They said, "If he marries her, he must not touch her until he has done the kaffara for pronouncing dhihar
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।