सीधे कंटेंट पर जाएँ
मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1153

नंबर 1153किताब 29, नंबर 4
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَنَّ مَرْوَانَ بْنَ الْحَكَمِ، كَانَ يَقْضِي فِي الَّذِي يُطَلِّقُ امْرَأَتَهُ الْبَتَّةَ أَنَّهَا ثَلاَثُ تَطْلِيقَاتٍ ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ وَهَذَا أَحَبُّ مَا سَمِعْتُ إِلَىَّ فِي ذَلِكَ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Ibn Shihab that Marwan ibn al-Hakam decided that if someone made three pronouncements of divorce, he had divorced his wife irrevocably. Malik said, "That is what I like best of what I have heard on the subject." 29.2 Divorce by Euphemistic Statements
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।