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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1150

नंबर 1150किताब 29, नंबर 1
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ رَجُلاً، قَالَ لِعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ إِنِّي طَلَّقْتُ امْرَأَتِي مِائَةَ تَطْلِيقَةٍ فَمَاذَا تَرَى عَلَىَّ فَقَالَ لَهُ ابْنُ عَبَّاسٍ طَلُقَتْ مِنْكَ لِثَلاَثٍ وَسَبْعٌ وَتِسْعُونَ اتَّخَذْتَ بِهَا آيَاتِ اللَّهِ هُزُوًا ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that a man said to Abdullah ibn Abbas, "I have divorced my wife by saying I divorce you a hundred times. What do you think my situation is?" Ibn Abbas said to him, "She was divorced from you by three pronouncements, and by the ninety-seven, you have mocked the ayat of Allah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।