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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1103

नंबर 1103किताब 28, नंबर 13
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَنَّ زَيْدَ بْنَ ثَابِتٍ، كَانَ يَقُولُ إِذَا دَخَلَ الرَّجُلُ بِامْرَأَتِهِ فَأُرْخِيَتْ عَلَيْهِمَا السُّتُورُ فَقَدْ وَجَبَ الصَّدَاقُ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Ibn Shihab that Zayd ibn Thabit said, "When a man takes his wife to his house and co-habits with her then the bride-price is obliged
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।