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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1097

नंबर 1097किताब 28, नंबर 7
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ الْقَاسِمَ بْنَ مُحَمَّدٍ، وَسَالِمَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، وَسُلَيْمَانَ بْنَ يَسَارٍ، كَانُوا يَقُولُونَ فِي الْبِكْرِ يُزَوِّجُهَا أَبُوهَا بِغَيْرِ إِذْنِهَا إِنَّ ذَلِكَ لاَزِمٌ لَهَا ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that al-Qasim ibn Muhammad and Salim ibn Abdullah and Sulayman ibn Yasar said about the virgin given by her father in marriage without her permission, "That is binding on her
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।