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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1082

नंबर 1082किताब 27, नंबर 9
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ أَبِي بَكْرِ بْنِ حَزْمٍ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَاهُ، كَثِيرًا يَقُولُ كَانَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ يَقُولُ عَجَبًا لِلْعَمَّةِ تُورَثُ وَلاَ تَرِثُ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that Muhammad ibn Abi Bakr ibn Hazm heard his father say many times, ''Umar ibn al-Khattab used to say, 'It is a wonder that the paternal aunt is inherited from and does not inherit
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Fara'id

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।